USD ($)
India Rupee
$
United States Dollar
£
United Kingdom Pound
Euro Member Countries
د.إ
United Arab Emirates dirham
C$
Canada Dollar
$
Australia Dollar
Login Register

जन्मकुंडली में सभी ग्रहों की दृष्टि का फल !

Created by Asttrolok in Astrology 30 Aug 2023
Share
Views: 92729
जन्मकुंडली में सभी ग्रहों की दृष्टि का फल !

जन्मकुंडली के किसी भी भाव का विचार करते समय सिर्फ ये नहीं देखा जाता है कि स्थान या भाव में कौन सा ग्रह विराजमान है बल्कि यह देखना भी आवश्यक होता है कि जन्म कुंडली के उस भाव में किन किन ग्रहों की दृष्टि पड़ रही है । ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रहों की दृष्टि भाव के फल को प्रभावित करती है । कुछ ग्रहों की दृष्टि बहुत शुभ मानी जाती है । उनकी दृष्टि पड़ने से,  जातक को मिलने वाले शुभ फल में वृद्धि हो जाती है या फिर अशुभ फल में कमी हो जाती है । वहीं कुछ ग्रह ऐसे भी हैं जिनकी दृष्टि शुभ नहीं मानी जाती है । ऐसे ग्रह, जातक को मिलने वाले शुभ फल में कमी कर देते हैं और कई स्थितियों में जातक के लिए बहुत कष्टदायी सिद्ध होते हैं ।

Join the BIGGEST COURSE OF THE YEAR: ASTROMANI 2024 (Professional Certified Astrology Course) starting July 21, 2024.

इस लेख में हम जानेंगे कि जन्म कुंडली के भावों में किस ग्रह की  दृष्टि को शुभ और किस दृष्टि को अशुभ माना गया है ? इसके साथ ही हम यह भी जानेंगे कि ज्योतिष के अनुसार कौन से ग्रह को कितनी दृष्टि प्राप्त है? क्या आप ऑनलाइन सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी की तलाश कर रहे हैं? हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषी द्वारा ज्योतिष परामर्श के लिए अभी संपर्क करें

ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की दृष्टि-

जन्म कुंडली के सभी ग्रह अपनी वर्तमान स्थिति से 180 अंश पर दृष्टि डालते हैं। 180 अंश का अर्थ है सप्तम भाव यानि कोई भी ग्रह अपने वर्तमान भाव से सप्तम भाव में पूर्ण रूप से दृष्टि डालता है । ज्योतिष में कुछ ग्रहों को एक से अधिक दृष्टियाँ प्राप्त हैं ।

- जन्म कुंडली में सूर्य अपने वर्तमान भाव से सप्तम भाव में दृष्टि डालता है ।

- ज्योतिष में चंद्रमा को भी एक ही दृष्टि प्राप्त है । चंद्रमा अपने वर्तमान भाव से सप्तम भाव में देख सकता है ।

- मंगल को एक नहीं दो नहीं बल्कि तीन दृष्टियाँ प्राप्त हैं । मंगल अपने वर्तमान भाव से चतुर्थ भाव, सप्तम भव्य व अष्टम भाव पर अपनी दृष्टि डाल सकता है ।

- ज्योतिष में बुध को एक ही दृष्टि यानि सप्तम दृष्टि प्राप्त है ।

- पंचम, सप्तम व नवम के रूप में बृहस्पति को तीन दृष्टियाँ प्राप्त हैं ।

- शुक्र के पास पूर्ण रूप से सप्तम दृष्टि है ।

- शनि के पास तृतीय, सप्तम व दशम के रूप में तीन दृष्टियाँ हैं ।

- राहु व केतु दोनों को तीन-तीन दृष्टियाँ प्राप्त हैं - पंचम दृष्टि, सप्तम दृष्टि व नवम दृष्टि ।

इस प्रकार से कुल 5 ग्रहों को तीन दृष्टियाँ प्राप्त हैं ।

यह भी पढ़ें:- बुध का मीन राशि में गोचर इन राशियों की किस्मत बदलेगा

जन्मकुंडली में ग्रहों की दृष्टि का फल-


जन्म कुंडली के अलग अलग भावों में दृष्टि पड़ने से जातक अलग अलग फल प्राप्त होते हैं । आइए कुछ बिंदुओं के माध्यम से ग्रहों की दृष्टि के फल के बारे में समझ लेते हैं -

  1. अगर कोई ग्रह जन्म कुंडली के किसी दूसरे घर से अपने घर पर दृष्टि डाल रहा है तो इस दृष्टि से जन्म कुंडली में राजयोग बनता है ।
  1. जन्म कुंडली में जब दो ग्रह एक दूसरे के भाव में बैठ कर एक दूसरे पर दृष्टि डाल रहे हों तो इस कुंडली में धन योग बन जाता है ।
  1. बृहस्पति, बुध , शुक्र और चंद्रमा की दृष्टि शुभ मानी जाती है तो वहीं सूर्य, मंगल, शनि, राहु व केतु की दृष्टि को ज्योतिष में शुभ नहीं माना जाता है ।
  1. मित्र ग्रहों की एक दूसरे के भावों में पड़ने वाली दृष्टि को शुभ माना जाता है। सूर्य, मंगल, चंद्रमा व गुरु आपस में मित्र माने जाते हैं तो वहीं बुध, शुक्र, शनि व राहु को भी आपस में मित्र माना जाता है ।


निष्कर्ष -


इस प्रकार से हमने जन्म कुंडली के भावों में पड़ने वाली विभिन्न ग्रहों की दृष्टि का विस्तार से विश्लेषण किया । 

अपने ज्योतिष ज्ञान को करियर में बदलें। ज्योतिष संस्थान आपके लिए ऑनलाइन ज्योतिष पाठ्यक्रम प्रदान करता है। अपना राशिफल पढ़ना सीखें और जानें कि आपके लिए सितारों के पास क्या है। इसके अतिरिक्त हस्तरेखा पाठ्यक्रम, वास्तु पाठ्यक्रम, ऑनलाइन अंकशास्त्र पाठ्यक्रम, चिकित्सा ज्योतिष सीखें। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी श्री आलोक खंडेलवाल द्वारा ज्योतिष की मूल अवधारणा को सीखने के लिए निःशुल्क ज्योतिष पाठ्यक्रम से शुरुआत करें


यह भी पढ़ें:- इस रत्न को पहनने से मिलती है नौकरी व कारोबार में सफलता

Comments (0)

Asttrolok

Asttrolok

Admin

Consultants

Deeksha Diwakar

Deeksha Diwakar

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year
Divyam Gupta

Divyam Gupta

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year
Thakur Prasad Das

Thakur Prasad Das

Astrology Hindi, English Exp: 4+ Year
Dr Pooja Garg

Dr Pooja Garg

Astrology Hindi, English Exp: 7+ Year
Jaya Baid

Jaya Baid

Astrology Hindi, English Exp: 5 Year
Akshara Diwakar Kulkarni

Akshara Diwakar Kulkarni

Astrology Hindi, English Exp: 4+ Year
Preeti Tandon

Preeti Tandon

Astrology Hindi, English, Marathi Exp: 5+ Year
Preethi Puthenpura

Preethi Puthenpura

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year

Share

Share this post with others

GDPR

When you visit any of our websites, it may store or retrieve information on your browser, mostly in the form of cookies. This information might be about you, your preferences or your device and is mostly used to make the site work as you expect it to. The information does not usually directly identify you, but it can give you a more personalized web experience. Because we respect your right to privacy, you can choose not to allow some types of cookies. Click on the different category headings to find out more and manage your preferences. Please note, that blocking some types of cookies may impact your experience of the site and the services we are able to offer.