USD ($)
India Rupee
$
United States Dollar
£
United Kingdom Pound
Euro Member Countries
د.إ
United Arab Emirates dirham
C$
Canada Dollar
$
Australia Dollar
Login Register

महाशिवरात्रि - जानें महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजन की सही विधि।

Created by Asttrolok in Astrology 30 Aug 2023
Share
Views: 1316
महाशिवरात्रि - जानें महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजन की सही विधि।

महाशिवरात्रि 2022


इस साल महाशिवरात्रि 1 मार्च को मनाई जाएगी। देवों  के देव महादेव की उपासना के इस पर्व का हिन्दू धर्म की पौराणिक कथाओं में विशेष महत्व है। हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का यह पावन त्यौहार मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह दिन भगवान शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। इसी दिन भगवान शिव और शक्ति का विवाह संपन्न हुआ था। इस दिन भगवान शिव ने वैराग्य का जीवन छोड़ कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के अनन्य भक्त जागरण कर भगवान शिव के विवाह का उत्सव मनाते है। 

महाशिवरात्रि का महत्व यह है कि यह लोगों को आध्यात्मिक रूप से जागृत करती है और उन्हें उच्च सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है जो उन्हें पिछले पापों से उबरने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए प्रेरित करेगी। आज ही ऑनलाइन ज्योतिष परामर्श प्राप्त करें  और हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषी से जाप, पूजा विधि और मुहूर्त जानें। 

ज्योतिष प्रमाण पत्र के साथ ज्योतिष, वास्तु, अंकशास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान को ऑनलाइन सीखें और ज्योतिषी बनें। वैदिक ज्योतिष संस्थान आपको ऑनलाइन ज्योतिष पाठ्यक्रमों की सर्वोत्तम श्रेणी प्रदान करता है। ये सभी ऑनलाइन ज्योतिष कक्षाएं विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी श्री आलोक खंडेलवाल द्वारा ली जाती हैं। निःशुल्क ज्योतिष सीखना शुरू करें।

महाशिवरात्रि के व्रत का महत्व जानें -


देवों के देव महादेव की कृपा पाने के लिए महाशिवरात्रि पर शिव भक्त व्रत रखते है। यह व्रत रखने से सुख समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से कष्ट दूर होते है और जीवन में सुख-शांति की वृद्धि होती है। भगवान शिव भक्तों से प्रसन्न होकर उनकी मनोकामना पूर्ण करते है।

महाशिवरात्रि के व्रत से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें -


महाशिवरात्रि के दिन पहले यानी त्रयोदशी के दिन को एक ही समय भोजन करें। तथा अगले दिन यानी चतुर्दशी के दिन सुबह ब्रम्हमुहुर्त में उठ कर स्नान करें। इसके पश्चात् महादेव का स्मरण कर पूरी आस्था के साथ व्रत करें। व्रत में फलाहार में फलों का जूस ले सकते है, मखाने और मूंगफली को घी में फ्राई कर सेंधा नमक डालकर खा सकते है। इस दिन प्याज़-लहसुन युक्त भोजन, मांसाहार एवं मदिरा का त्याग करें।

यह भी पढ़ें:- कफ दोष से होने वाली समस्याएं व उनके समाधान !



महाशिवरात्रि के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

पहले पहर में पूजा का मुहूर्त 1 मार्च को सायं 6.21 PM से रात्रि 9.27 PM तक

दूसरे पहर में पूजा का मुहूर्त 1 मार्च को रात्रि 9.27 PM बजे से 2 मार्च 12.33 AM तक

तीसरे पहर में पूजा का मुहूर्त 2 मार्च 12.33 AM से 3.39 AM तक

चौथे पहर में पूजा का मुहूर्त 2 मार्च 3:39 AM से 6.45 AM तक

व्रत के पारण का समय 2 बुधवार को सुबह 6.45 AM के बाद
महाशिवरात्रि के पूजन की विधि

महाशिवरात्रि के दिन सुबह ब्रम्हमुहुर्त में उठ कर स्नान करें एवं शाम में भी पूजा से पहले फिर से स्नान करना चाहिए। ध्यान रखें कि महादेव की पूजा अर्चना शुभ मुहूर्त के समय के अनुसार ही करें। सबसे पहले पूजा स्थल पर जल से भरे कलश की स्थापना करें, इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति की स्थापना करें । इसके पश्चात् अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही, शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा आदि पूजन के दौरान अर्पित करें और अंत में आरती करें। 

महाशिवरात्रि पर महामृत्युंजय मंत्र ।। ऊँ त्र्यंबकम् यजामहे सुगंधिम् पुष्टिवर्द्धनम्। ऊर्वारुकमिव बंधनात, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।। का जाप भी करना चाहिए, जिससे महादेव प्रसन्न होते है। यह एक महामंत्र है जिसके नियमित श्रवण या उच्चार से संकट पीड़ा दूर होते है, अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है जीवन-मृत्यु के बंधन से मुक्त हो कर मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इस महाशिवरात्रि के पावन त्यौहार पर, महादेव का आस्था पूर्वक एवं विधिवत तरीके से महादेव की पूजा उपासना कर के महादेव को प्रसन्न कर अपने जीवन को सार्थक बनाएं।

यह भी पढ़ें:- अपने घर की रसोई में रखें वास्तु का ध्यान !

Comments (0)

Asttrolok

Asttrolok

Admin

Consultants

Vishnu Dhanuka

Vishnu Dhanuka

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year
Monica Jain

Monica Jain

Vastu Expert Hindi, English Exp: 3+ Year
Dr. Sagar Patwardhan

Dr. Sagar Patwardhan

Palmistry Expert
Nikieta Dhanaani

Nikieta Dhanaani

Astrology, Numerology Hindi Exp: 4+ Year
Renu joshi

Renu joshi

Astrology Hindi, English Exp: 4+ Year
Kalyani manna

Kalyani manna

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year
Pankaj Bahl

Pankaj Bahl

Astrology Hindi, English Exp: 4+ Year
Lavina Jhunjhunwala

Lavina Jhunjhunwala

Astrology Hindi, English Exp: 4+ Year

Share

Share this post with others

GDPR

When you visit any of our websites, it may store or retrieve information on your browser, mostly in the form of cookies. This information might be about you, your preferences or your device and is mostly used to make the site work as you expect it to. The information does not usually directly identify you, but it can give you a more personalized web experience. Because we respect your right to privacy, you can choose not to allow some types of cookies. Click on the different category headings to find out more and manage your preferences. Please note, that blocking some types of cookies may impact your experience of the site and the services we are able to offer.