USD ($)
India Rupee
$
United States Dollar
£
United Kingdom Pound
Euro Member Countries
د.إ
United Arab Emirates dirham
C$
Canada Dollar
$
Australia Dollar
Login Register

वास्तु शास्त्र के इन 10 नियमों का रखें हमेशा ध्यान !

Created by Asttrolok in Astrology 30 Aug 2023
Share
Views: 2585
वास्तु शास्त्र के इन 10 नियमों का रखें हमेशा ध्यान !
वास्तु के महत्व पर हम पहले काफी बात कर चुके हैं इसलिए वास्तु का महत्व आप अब तक समझ ही गए होंगे । वास्तु सही होने पर कितना शुभ सिद्ध हो सकता है और वास्तु दोष होने पर हमें कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है , यह तो हम जानते ही हैं । वास्तु शास्त्र के कई महत्वपूर्ण विषयों पर हमने अभी तक बात की है जैसे - नए घर का वास्तु , दुकान या कार्यालय का वास्तु , घर के रसोई घर का वास्तु , घर के पूजा स्थल का वास्तु व घर की सीढ़ियों की सही दिशा आदि । इनमें से किसी भी विषय पर विस्तार से जानने के लिए आप हमारे पुराने लेख पढ़ सकते हैं ।

आज हम वास्तु शास्त्र के कुछ सामान्य व सर्वमान्य नियमों के बारे में बात करने जा रहे हैं जिसमें दुकान , मकान , रसोई , बेडरूम आदि का वास्तु शामिल है ।

यदि आप ऑनलाइन वास्तु सलाहकार की तलाश कर रहे हैं, तो आपकी खोज यहाँ समाप्त होती है! कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप दुनिया में कहां हैं। हमारे वास्तु विशेषज्ञ मोनिका खंडेलवाल से ऑनलाइन संपर्क करें और वास्तु संबंधी समस्याओं का समाधान पाएं।

क्या आप ज्योतिष कक्षाएं ऑनलाइन खोज रहे हैं? ज्योतिष संस्थान (एस्ट्रोलोक) आपको वास्तु पाठ्यक्रम, शुरुआती लोगों के लिए हस्तरेखा विज्ञान, अंक विज्ञान पाठ्यक्रम, आयुर्वेदिक ज्योतिष, ऑनलाइन प्रदान करता है।
ये ज्योतिष पाठ्यक्रम विश्वविख्यात ज्योतिषी श्री आलोक खंडेलवाल द्वारा पढ़ाए जाएंगे। निःशुल्क ज्योतिष पाठ्यक्रम के लिए अभी ऑनलाइन पंजीकरण करें

वास्तु शास्त्र के 10 सर्वमान्य नियम -


वास्तु शास्त्र के यह 10 नियम जो आपके जीवन में हमेशा काम आने वाले हैं , निम्नलिखित हैं -


  1. वास्तु का पहला नियम जमीन से जुड़ा हुआ है । वास्तु शास्त्र के अनुसार घर बनाते समय इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपके घर का पीछे का हिस्सा, घर के आगे वाले हिस्से से अधिक चौड़ा हो । और सिर्फ चौड़ाई ही नहीं बल्कि ऊँचाई का भी आपको ध्यान रखना है । वास्तु शास्त्र में ऐसा माना गया है कि घर का पिछला हिस्सा , घर के आगे वाले हिस्से से अधिक ऊंचा होने से व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है । घर के यह आकार संघर्ष से सफलता की यात्रा का सूचक होता है ।



  1. वास्तु शास्त्र का दूसरा नियम दुकान से जुड़ा हुआ है । दुकान का आकार बनाते समय इसस बात का ध्यान रखें कि दुकान का आगे का आकार , दुकान के पीछे के आकार से अधिक चौड़ा हो । चौड़ाई की तरह दुकान के आगे के भाग की ऊँचाई भी , दुकान के पिछले भाग से थोड़ी अधिक होनी चाहिए ।



  1. वास्तु का तीसरा नियम घर या दुकान के मुख्य द्वार से जुड़ा हुआ है । वास्तु के अनुसार घर का या दुकान का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में होना सबसे अधिक शुभ माना गया है ।



  1. वास्तु का चौथा नियम घर के रसोई घर के लिए है । वास्तु के अनुसार रसोई घर के लिए सबसे शुभ दिशा दक्षिण-पूर्व मानी गई है । इस दिशा को आग्नेय कोण भी कहा जाता है ।



  1. वास्तु के अनुसार घर के आँगन का आकार टेढ़ा मेढ़ा या तिकोना नहीं होना चाहिए । घर के आँगन को बनवाते समय आकार का विशेष ध्यान रखें अन्यथा जीवन के रास्ते भी टेढ़े मेढ़े हो सकते हैं ।



  1. वास्तु के अनुसार घर के पूजा स्थल की दिशा पूर्व की ओर होनी चाहिए । सूर्य के उदय होने वाली दिशा आपके घर के मंदिर या पूजा स्थल के लिए सर्वाधिक शुभ मानी गई है।



  1. वास्तु के अनुसार घर में धन रखने का स्थान सदैव उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए । उत्तर दिशा में धन रखने से आपका धन संचित रहता है और आप निरंतर धनार्जन करते रहते हैं ।



  1. वास्तु के अनुसार घर में जिस कक्ष में भोजन रखा जाता है , उसका मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए ।



  1. वास्तु का नौवां नियम घर के बेडरूम या शयनकक्ष से जुड़ा हुआ है । घर का शयनकक्ष दक्षिण-पश्चिम दिशा में सबसे शुभ माना गया है ।



  1. वास्तु के अनुसार आप घर या दुकान या कार्यालय बनवाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इनका फर्श सभी जगह एक समान यानि समतल होना चाहिए । वास्तु के अनुसार ऊँचा-नीचा फर्श दोष का कारण बन सकता है ।


निष्कर्ष -


इस प्रकार से हमने वास्तु शास्त्र के वो 10 नियम जाने जो किसी भी तरह के निर्माण कार्य में सदैव याद रखने चाहिए । इन नियमों का पालन करने से वास्तु दोष से बचा सकता है ।

यह भी पढ़ें:- अपने घर में मंदिर की स्थापना कैसे व किस दिशा में करें ?

Comments (0)

Asttrolok

Asttrolok

Admin

Consultants

Mala Chatterjee

Mala Chatterjee

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year
Deeksha Diwakar

Deeksha Diwakar

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year
Akshara Diwakar Kulkarni

Akshara Diwakar Kulkarni

Astrology Hindi, English Exp: 4+ Year
KVN Swamy

KVN Swamy

Astrology Hindi, English, Telugu Exp: 5+ Year
Jigyasa Agrawal

Jigyasa Agrawal

Astrology Hindi, English Exp: 6+ Year
Upma Majumdar

Upma Majumdar

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year
Pranjali Khatawkar

Pranjali Khatawkar

Astrology
Ajay Kumar

Ajay Kumar

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year

Share

Share this post with others

GDPR

When you visit any of our websites, it may store or retrieve information on your browser, mostly in the form of cookies. This information might be about you, your preferences or your device and is mostly used to make the site work as you expect it to. The information does not usually directly identify you, but it can give you a more personalized web experience. Because we respect your right to privacy, you can choose not to allow some types of cookies. Click on the different category headings to find out more and manage your preferences. Please note, that blocking some types of cookies may impact your experience of the site and the services we are able to offer.