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ज्योतिष के अनुसार सावन के महीने का महत्व और प्रभाव

Created by Asttrolok in Astrology 30 Aug 2023
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ज्योतिष के अनुसार सावन के महीने का महत्व और प्रभाव

श्रावण मास 2021


हिंदु धर्म में सावन के महीने का बहुत अधिक महत्व होता है। सावन का महीना हिंदु पंचांग का पांचवा महीना होता है। यह महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस महीने में भगवान शिव की विधी विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए । ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में जो व्यक्ति हर रोज शिवलिंग पर जल चढ़ाता है उसकी मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती है । सावन का महीना इसलिए खास है क्योंकि इस समय खास मंत्रो से शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाता है। ज्योतिष के  नजरिए से भी सावन के पावन महीने में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से कई तरह के लाभ मिलते हैं । ऐसी मान्यता है जो नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाता है उसकी कुंडली में अशुभ ग्रहों का प्रभाव कभी नहीं रहता है । सावन के महीने में इसका महत्व और बड़ जाता है । शिवलिंग का अभिषेक करने से नकारात्मक ऊर्जा हमेशा के लिए दूर चली जाती है । सावन के महीने का प्रकृति से भी गहरा संबंध है क्योंकी इस माह में वर्षा ऋतु होने से संपूर्ण धरती बारिश से हरी भरी हो जाती है । गीष्म ऋतु के बाद इस माह में बारिश होने से मानव समुदाय को बड़ी राहत मिलती है । भक्त सावन के महीने में सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ महादेव का व्रत करते हैं तो उसे शिव का आशीर्वाद जरूर प्राप्त होता है । विवाहित महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने और अविवाहित महिलाए अच्छे वर के लिए भी सावन में शिवजी का व्रत रखती है तो अच्छे वर की प्राप्ती होती है । सावन के महीने में शुभ त्योहार हरायली तीज , नागपंचमी और रक्षाबंधन का सफल आयोजन किया जाता है ।



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धार्मिक मान्यता है कि सोमवार व्रत करने से दुख, कष्ट और परेशानियों से छुटकारा मिलता है तथा  सुखी, निरोगी काया और समृद्ध जीवन का आनंद पाता है । सावन माह में सोमवार को जो भी पूरे विधि विधान से शिव की पूजा करता है वह शिवजी का विशेष आशीर्वाद पाता है |  जिन लोगों को विवाह में परेशानी आ रही हो उन्हें सावन के महीने मे भगवान शंकर की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए । भगवान शिव की कृपा से विवाह संबधित समस्याएं दूर हो जाती है ।

सावन माह में शिव की पूजा करने से सभी तरह के पापो से मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है ।




  • सुबह जल्दी उठ जाए और स्नान आदि के बाद साफ वस्त्र धारण करें ।


  • घर के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित करे


  • शिवलिंग में गंगा जल और दूध चढ़ाएं


  • भगवान शिव को सफेद पुष्प अर्पित करें


  • भगवान शिव को बेल पत्र अर्पित करें


  • भगवान शिव की आरती करे और भोग लगाएं


  • सावन के महीने में भगवान शिव का अधिक से अधिक ध्यान करे ।


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इस माह सावन सोमवार का व्रत सर्वाधिक महत्वपूर्ण  है । दरअसल श्रवण मास भगवान भोले नाथ को सबसे प्रिय है । शिव पुराण के अनुसार जो व्यक्ति इस माह में सोमवार का व्रत करता है भगवान शिव उसकी समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण कर देते है । सावन के महीने मे लाखो श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए उज्जैन, ओमकारेश्वर एवं भारत के कई धार्मिक स्थलों पर जाते हैं । सावन माह में शिव का ध्यान करके ॐ नमः शिवाय और महाम्रतुंजय का जाप करने से  बिमारी, दुर्घटना , और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है ।




  • मनचाह जिवन साथी मिलता है, साथ में भक्त को आध्यात्मिक उत्थान होता है ।


  • सावन माह में शिव पर अभिषेक, पूजा और ध्यान करने से कुंडली के काल सर्प दोष का निवारण होता है ।


  • ज्योतिष के अनुसार कुंडली में राहु की महादशा चल रही हो और परेशानियां बढ़ रही हो तो सावन माह में शिवलिंग का अभिषेक और पूजा अर्चना करने से राहु की महादशा में राहत मिलती है ।


  • शिव के आशिर्वाद और ग्रहों की शांती के लिए यह महीना बहुत महत्वपूर्ण है ।


सावन के महीने में शिव के अभिषेक के फल




  • दूध से अभिषेक करने पर परिवार में कलह व मानसिक पीड़ा में शांति मिलती है ।


  • घी से अभिषेक करने पर वंश वृद्धि होती है ।


  • गुलाब के इत्र से अभिषेक करने पर भौतिक सुखों की प्राप्ती होती है ।


  • शहद से अभिषेक करने पर परिवार में बीमारियों का अधिक प्रकोप नही रहता ।


  • गन्ने के रस की धारा डालते हुए अभिषेक करने से आर्थिक समृद्धि और परिवार में सुखद माहोल बना रहता है ।


  • गंगा जल से अभिषेक करने पर चारो पुरुषार्थ की प्राप्ति होती हैं ।


  • अभिषेक करते समय महाम्रतुंजय का जाप करने से फल की प्राप्ति कई गुना अधिक हो जाती है ।


  • बिल्वपत्र चढ़ाने से पापों और रोगों से मुक्ति मिलती है ।


  • कमल पुष्प चढ़ाने से शांति और धन की प्राप्ति होती है ।


  • दुर्वा चढ़ाने से आयु में वृद्धि होती है ।


  • धतुरा अर्पित करने से पुत्र रत्न की प्राप्ति और पुत्र सुख मिलता है ।


  • शमी पत्र चढ़ाने से पापों का नाश होता है, शत्रुओं का शमन और भूत प्रेत बाधा से मुक्ति मिलती हैं।


ममता अरोरा

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