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Sarvadev Krit Shri Lakshmi Stotram | सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्रम्

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Sarvadev Krit Shri Lakshmi Stotram | सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्रम् Free PDF Download


सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्रम् एक अत्यंत शक्तिशाली स्तुति है, जिसमें अनेक ऋषियों और देवताओं द्वारा देवी लक्ष्मी की महिमा का वर्णन किया गया है। यह स्तोत्र माँ लक्ष्मी से धन-समृद्धि, सौभाग्य, संरक्षण और जीवन में स्थिरता प्रदान करने की प्रार्थना करता है। नियमित रूप से इसका पाठ करने से घर-परिवार में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

ज्योतिषीय दृष्टि से, इस स्तोत्र का विशेष महत्व है। यदि आपकी कुंडली में शुक्र (Venus) या गुरु (Jupiter) कमजोर हों, तो धन प्राप्ति, करियर की उन्नति, भाग्य वृद्धि और वित्तीय स्थिरता में बाधाएँ उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में इस स्तोत्र का नियमित जप एक प्रभावी वैदिक उपाय माना जाता है, क्योंकि यह ग्रहों की नकारात्मकता दूर करके शुभ फल प्रदान करता है। यह मंत्र साधना दुर्भाग्य कम करती है, अवसर बढ़ाती है और जीवन में लक्ष्मी का स्थायी वास स्थापित करती है।

Sarvadeva Krita Shri Lakshmi Stotram invokes divine wealth, stability, fortune and success. If Venus or Jupiter is weak in your horoscope, chanting this stotram removes obstacles, improves prosperity and enhances financial growth. Download Free PDF.

1. सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्रम् किसके द्वारा लिखा गया है?

सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्र प्राचीन ऋषि-परंपरा और वैदिक ग्रंथों में उल्लेखित माना जाता है। कहा जाता है कि यह स्तोत्र सभी देवताओं (सर्वदेव) द्वारा माँ लक्ष्मी की महिमा बखानते हुए समर्पित किया गया है, इसलिए इसे सर्वदेव कृत कहा जाता है। इस स्तोत्र में माँ लक्ष्मी के गुण, उनकी कृपा, उनका संरक्षण और उनकी धन-समृद्धि प्रदान करने वाली शक्ति को विशेष रूप से दर्शाया गया है।

2. सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्रम् किन-किन स्वरूपों को समर्पित है?

सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्र माँ लक्ष्मी के विभिन्न दिव्य स्वरूपों को समर्पित है-

श्री लक्ष्मी -  धन और सौभाग्य की देवी
धन लक्ष्मी -  आर्थिक समृद्धि और स्थिरता प्रदान करने वाली
गजलक्ष्मी -  प्रतिष्ठा, विजय और उन्नति देने वाली
विद्या लक्ष्मी -  ज्ञान और विवेक की दायिनी
शांति लक्ष्मी -  मन और घर में शांति स्थापित करने वाली
धैर्य लक्ष्मी -  साहस और आत्मबल की अधिष्ठात्री

इन सभी स्वरूपों की कृपा सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्र में आह्वान की जाती है।

3. सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्रम् वास्तु और ज्योतिष (Astrology) में क्या मदद करता है?

यदि शुक्र (Venus) कमजोर हो तो संबंधों में असंतुलन, धन-हानि, आकर्षण में कमी और भावनात्मक अस्थिरता देखी जाती है। यह स्तोत्र शुक्र ग्रह को संतुलित कर धन, सौहार्द और समृद्धि को बढ़ाता है।

यदि गुरु (Jupiter) कमजोर हो तो शिक्षा, ज्ञान, विवेक, करियर विकास और भाग्य प्रभावित होते हैं। यह स्तोत्र गुरु ग्रह को बल देकर बुद्धि, सफलता और सकारात्मकता को मजबूत करता है।

वास्तु और ऊर्जा की दृष्टि से, सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्र-
● घर में लक्ष्मी-कृपा बनाए रखता है
● नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है
● करियर और व्यवसाय में उन्नति के अवसर बढ़ाता है
● परिवार में सौहार्द, शांति और समृद्धि लाता है

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4. सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्रम् किसे पढ़ना चाहिए – जिससे उन्हें मदद मिले?

● जिनकी कुंडली में शुक्र या गुरु ग्रह कमजोर हों।
● जो आर्थिक उतार-चढ़ाव, धन-हानि, करियर में रुकावट या भाग्य की कमी का सामना कर रहे हों।
● व्यवसाय, नौकरी, शिक्षा और वित्तीय उन्नति चाहने वाले सभी लोग।
● परिवारों में सौहार्द, स्थिरता और समृद्धि बढ़ाना चाहने वाले गृहस्थ।
● जो व्यक्ति लक्ष्मी-कृपा, शांति और सकारात्मक ऊर्जा को अपने जीवन में आमंत्रित करना चाहता है।

Regular practice can help in wealth creation, business success, and prosperity, making it a favorite among devotees and recommended by best astrologers.

5. व्याख्या

“नमस्तेस्तु महालक्ष्मि त्वं हि सर्वार्थ साधिनी।”
अर्थ -  “हे महालक्ष्मी! आपको नमस्कार, आप सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाली हैं।”

“सर्वदेवमये देवि लोकानां अधिदेवता।”
अर्थ -  “हे देवी! आप सभी देवताओं में विद्यमान हैं और समस्त लोकों की अधिष्ठात्री हैं।”

“त्वयि भक्तिः सदा मे स्यात् सर्वाभीष्टफलप्रदे।”
अर्थ -  “हे देवी! मेरे भीतर आपकी स्थिर भक्ति बनी रहे, आप सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली हैं।”

इन पंक्तियों का सार यह है कि माँ लक्ष्मी ही संपूर्ण जगत का पालन करती हैं। उनकी कृपा से धन, सौभाग्य, स्थिरता और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। यह स्तोत्र भक्त को आर्थिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों स्तरों पर उन्नति प्रदान करता है।

मूल भाव -  लक्ष्मी की भक्ति से जीवन में शुभता और समृद्धि स्थापित होती है।

निष्कर्ष

यदि आपकी कुंडली में शुक्र या गुरु ग्रह कमजोर हों या आप धन-संबंधी कठिनाइयों, करियर में रुकावट, आर्थिक अस्थिरता, भावनात्मक तनाव या भाग्य की कमी का अनुभव कर रहे हों- तो सर्वदेव कृत श्री लक्ष्मी स्तोत्रम् का नियमित पाठ आपको धन, सौभाग्य, स्थिरता, सफलता और मानसिक शांति प्रदान करता है।

भक्ति-भाव से माँ लक्ष्मी का स्मरण करें और अपने जीवन में समृद्धि, शांति और शुभता का वास स्थापित करें।

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