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Dattatreya Ashtottar Shat Namavali | दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली

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Dattatreya Ashtottar Shat Namavali | दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली Free PDF Download


दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली भगवान दत्तात्रेय के 108 शक्तिशाली नामों का पवित्र स्तोत्र है, जिनमें उनके दिव्य गुण, ज्ञान और संरक्षण की ऊर्जाओं का विस्तार से वर्णन मिलता है। यह नामावली साधक को मानसिक स्पष्टता, आत्मबल, आध्यात्मिक विकास और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति दिलाने में अत्यंत सहायक है। वैदिक ज्योतिष में इस नामावली का जप विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है जब आपकी कुंडली में सूर्य (Surya), बुद्ध (Budh) या गुरु (Guru) कमजोर हों। इन ग्रहों की कमजोरी आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता, संचार कौशल और समृद्धि को प्रभावित करती है। इस नामावली का जप इन ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित कर सकारात्मकता और स्थिरता लाने का प्रभावी उपाय है।

Dattatreya Ashtottara Shata Namavali is a sacred collection of 108 divine names of Lord Dattatreya. If Sun, Mercury, or Jupiter is weak in your horoscope and you experience confusion, low confidence, or weak decision-making, chanting this namavali boosts intellect, positivity and spiritual protection. Download Free PDF.

1. दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली किसके द्वारा लिखी गई है?

यह नामावली दत्त संप्रदाय, पुराणों और वेदांत-परंपराओं में वर्णित भगवान दत्तात्रेय के दिव्य स्वरूपों पर आधारित है। विभिन्न महापुरुषों और आचार्यों द्वारा इसका संकलन किया गया है। इस स्तोत्र में दत्तात्रेय के त्रिदेव-स्वरूप, योग-तत्त्व, ज्ञान-प्रकाश, अवधूत अवस्था, और भक्त-रक्षक स्वरूप का विस्तार से वर्णन मिलता है। उनके 108 नाम साधक को आत्म-शक्ति, विवेक, धैर्य और दिव्य दिशा प्रदान करते हैं।

2. दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली किन-किन स्वरूपों को समर्पित है?

● दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली भगवान दत्तात्रेय को समर्पित है, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश -  तीनों का संयुक्त अवतार माने जाते हैं।
● दत्तात्रेय को “योगीश्वर”, “अवधूत”, “ज्ञानसागर”, “त्रिलोकगुरु”, और “शक्तिस्वरूप” के रूप में इस नामावली में वर्णित किया गया है।
● साधक को उनका हर नाम अलग ऊर्जा -  सुरक्षा, ज्ञान, स्थिरता, साहस और शांति -  प्रदान करता है।

3. दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली वास्तु और ज्योतिष (Astrology, Horoscope) में क्या मदद करती है?

● जब सूर्य कमजोर होता है, तब आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और जीवनबल कम हो जाता है। दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली सूर्य की ऊर्जा को मजबूत करता है।
● जब बुध कमजोर हो, तो संचार कौशल, बुद्धि, व्यापारिक विवेक और मानसिक स्पष्टता प्रभावित होती है। दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली बुध-दोष को शांत करती है।
● जब गुरु दुर्बल हो, तब ज्ञान, विवेक, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन दिशा कमजोर हो जाती है। दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली गुरु को बल प्रदान करती है।
● वास्तु और मानसिक ऊर्जा के अनुसार यह स्तोत्र घर में सकारात्मक कंपन, सुरक्षा और स्थिरता उत्पन्न करता है


4. दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली किसे पढ़ना चाहिए?

● वे लोग जिनकी कुंडली में सूर्य, बुध, या गुरु कमजोर हों।
● जो मानसिक भ्रम, दिशाहीनता, आत्मविश्वास की कमी या निर्णय-अक्षमता से जूझ रहे हों।
● विद्यार्थी, शोधकर्ता, व्यापारी, आध्यात्मिक साधक और योगाभ्यास करने वाले लोगों के लिए दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली विशेष लाभकारी है।
● सामान्य रूप से, जो भी व्यक्ति अपने जीवन में दिशा, स्थिरता, शांति, बुद्धि और आध्यात्मिक उत्थान चाहता है उसे दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली अवश्य पढ़नी चाहिए।

5. व्याख्या

● प्रथम नाम - “ॐ दत्तात्रेयाय नमः”
अर्थ: “त्रिदेव स्वरूप दत्तात्रेय को नमन, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश - तीनों की संयुक्त ऊर्जा का स्वरूप हैं।”

● दूसरा नाम-  “ॐ योगिगुरवे नमः”
अर्थ: “जो समस्त योगियों के गुरु हैं और साधक को आध्यात्मिक जागरण की ओर ले जाते हैं।”

● दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली साधक को आत्मविश्वास, विवेक, मानसिक शांति, आध्यात्मिक जागरण और जीवन की दिशा प्रदान करती है।
● भगवान दत्तात्रेय के 108 नामों का जप मन से भय, भ्रम, आलस्य, तनाव और कमजोरी दूर करता है।
● मूल भाव: दत्तात्रेय साधक के जीवन में शक्ति, बुद्धि, संतुलन और दिव्य संरक्षण प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष

यदि आपकी कुंडली में सूर्य, बुध, या गुरु ग्रह कमजोर हों, या आप जीवन में मानसिक दबाव, निर्णय-अक्षमता, आत्मविश्वास की कमी या दिशाहीनता का अनुभव कर रहे हों -  तो दत्तात्रेय अष्टोत्तर शत नामावली का नियमित जप आपको दिव्य संरक्षण, मानसिक स्पष्टता, ज्ञान, शक्ति और स्थिरता प्रदान करता है।

भक्ति-भाव से भगवान दत्तात्रेय का स्मरण करें, और अपने भीतर जागरण, शक्ति और दिव्यता का अनुभव करें।


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